आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से पावा गांव की घटनाओ और प्रसिद्दि ( pawa village history ) के बारे में बताने वाले है जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं होगी क्युकी बहुत  कम लोगो को इस प्रकार की जानकारी प्राप्त होती है इस जानकारी को हमने पावा गांव जाकर वहां के बुजुर्ग लोगो से मिलकर वहा के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त  थी जिसके बारे में हम आपको आज  बताने वाले हैं.

pawa gaon ki jankari

पावा गांव ख़ास कर श्री पावेश्वर महादेव  के मंदिर के लिए प्रसिद्द है और इस मंदिर में प्रतिदिन हजारो श्रदालु भगवान् महादेव के दर्शन के लिए आते है और माना जाता है की इस मंदिर में जो भी व्यक्ति पूरी आस्था के साथ दर्शन करने आता है उसकी सभी आस्था और तमन्ना जरूर पूरी होती है अगर आपके मन में भी कोई कार्य है जो पूरा नहीं हो रहा तो एक बार आप पावेश्वर महादेव के दर्शन जरूर कर ले.

पावा का इतिहास 

यह गांव किस सदी में बना था इसके बारे में हमे ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं हो पायी किन्तु यह गांव सदियों पुराना है इस गांव में ठाकुर के रूप में जोधा राजपूत माने जाते है और भगवत सिंह जी जोधा इस गांव के ठाकुर है..

इस गांव में कई अलग अलग देवी देवताओ के मंदिर आदि भी बने हुए है जो की एक से बढ़कर एक है इस गांव में आपको महादेव मंदिर, हनुमान मंदिर, ठाकुर जी मंदिर, गोगाजी मंदिर, आई माता मंदिर आदि जैसे कोई प्रसिद्द मंदिर देखने को मिल जाएंगे जो की सच में अद्भुद्ध है और इन मंदिरो में जो भी व्यक्ति आस्थापूर्वक आता है गांव वालो का मानना है की उसकी सभी तमन्नाये पूर्ण होती है.

पावा गांव कहा स्थित है 

कई लोग सोच रहे होंगे की इस गांव में एक बार जाए और इस गांव के मंदिर आदि के दर्शन करे तो इसके लिए आपको इस बात का पता होना जरुरी है की यह गांव कहा पर स्थित है तो हम बता दे की यह गांव राजस्थान के पाली जिले के अंदर आया हुआ है जो की सांडेराव और फालना के नजदीक है इस गांव में आने के लिए बस और टैक्सी आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध है जिसके कारण आप इस गांव में आये तो आपको किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.

इस गांव का नाम पावा क्यों रखा गया 

यह बात हम सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है की इस गांव का नाम पावा ही ज्यू रखा गया और इस नाम के पीछे क्या कारण या उद्देश्य था तो हम आपको बता दे की इस गांव में एक प्राचीन मंदिर है जो की पावेश्वर महादेव का है और उन्ही के नाम पर इस गांव का नाम पावा रखा गया है.

यहाँ के लोगो का कहना है की इस गावं में वर्षो पूर्व महान ऋषि श्री परशु राम जी की माता भगवन महादेव की तपस्या करती थी और यहाँ के एक बावड़ी का पानी पहले के समय में कपडे में बाँदकर दूसरे गांव में स्थित महादेव जी के अतिप्राचीन मंदिर में चढ़ाया जाता था.

पावा में स्थिति महादेव मन्दिर 

अब हम बात करते है पावा के अति प्रसिद्द महादेव  मंदिर के बारे में तो मना जाता है की यह हजारो वर्षो पूर्व बना हुआ मंदिर है जहा पर कई महान ऋषियों ने अपनी तपश्या की थी और इस मंदिर में जो शिवलिंग उसके बारे में गांव वालो का कहना है की वो एक तेज नदी में बहकर आयी थी जो गांव में ही रुक गयी बादमे गांव वालो को इसके बारे में पता चला तो पुरे विधि विधान से महादेव जी के मंदिर में उसको स्थापित किया गया उसके बाद से उसकी पूरा की जाने लगी.

पावा की जनसख्याँ 

अब हम इस गांव की जनसख्याँ की बात करे तो यह गांव काफी बड़ा है क्युकी इसकी जनसख्याँ अधिक होने के साथ ही इसका क्षेत्रफल भी काफी अधिक फैला हुआ है अनुमानित इस गांव की जनसख्या 6000 के करीब मानी जा रही यही और इसमें केवल वयस्क और बुजर्ग लोगो को गिना  गया है बच्चो के बारे में सही जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी

पावा गांव के मेले

यह गांव आसपास के गावो में मेलो के लिए भी बहुत ही अधिक प्रसिद्द है इस गांव में कई प्रकार के मेले लगते है जैसा की अपने कई वीडियो आदि में देखे होंगे उसकी के अनुरूप यहाँ प्रतिवर्ष मेले लगाए जाता है जिसमे से सबसे प्रसिद्द मेला पवेष्वर महादेव का होता है जो की लाभ पंचमी को लगता है और यह मेला एक दिन का होता है.

इसके बाद सबसे बड़ा दूसरा मेला इस गांव का मेला हनुमान जी का माना गया है यह मेला भी एक दिन का होता है और यह मेला बस स्टेण्ड पर स्थित हनुमान जी के मंदिर पर लगाया जाता है इसके बाद तीसरा मेला सोनराला माता जी के मंदिर में लगाया जाता है जो की गांव से थोड़ी दुरी पर स्थित है और वहा पर प्रतिवर्ष साल में एक बार इस मेले का आयोजन होता है.

इस प्रकार से इस गांव में वर्ष में 3  अलग अलग मेलो का आयोजन होता है और यह मेले अलग अलग दिनों में अलग अलग स्थानो पर लगाया जाये जाते है पर इन मेलो के बिच अधिक दिनों का अंतर नहो होता है.

गांव की मुख्य समस्या

यह गांव काफी प्रसिद्द होने के कारण भी इस गावं की एक बेहद गंभीर समस्या भी है जो की पावा के लोगो को काफी परेशान करती है जब इसके बार में हमने गांव वालो को पूछा तो पता चला की लगभग 15 से 20 वर्ष से इस गांव की मुख्य सड़क जो की  पावा से कोशेलाव की तरफ जाती है वो 10 किलोमीटर  की सड़क एकदम टूटी हुई है जहा पर चलने में राहगीरों का काफी परेशानी होती है कई बार अवगत कराने के बाद ही सरकार इसके ऊपर कोई कार्यवाही नहीं कर सकी जो की एक दुर्भाग्य की बात है.

गांव की सुविधाएं 

जिस तरह से इस गांव  में कई  परेशानी है उसी प्रकार से इस गांव में कई प्रकार की सुविधाएं भी उपलब्ध है जिसके बारे में हम आपको बता रहे हैं.

  • इस गांव में जवाई बाँध का पानी पहुंचाया जाता है जो की पीने युक्त मीठा पानी है.
  • इस गांव में यातायात के लिए हर वक्त कोई न कोई वाहन मिल जाता है जिसके कारन यात्रा आसान हो जाती है.
  • यह पर वाहरवी तक की पढ़ाई के लिए विधालय भी बने हुए है जिसके कारण पढ़ाई के लिए लोगो को बहार नहीं जाना पड़ता.
  • यहाँ पर एक पनघट भी स्थित है जहा पर  माना गया है की महादेव का वरदान है की इस कुए का पानी कभी ख़त्म नहीं होगा व अकाल पड़ने की स्थिति में भी  इस गांव में कभी पानी की कमी नहीं पड़ती.

हम सभी का इस गांव का दौरा वास्तव में बेहद ही अच्छा और यादगार रहा हो की शायद हम कभी नहीं भूल पाएंगे और इस गांव के लोगो द्वारा भी हमे काफी प्रेम और स्नेह दिया गया जो की किसी मेहमान के लिए सबसे बड़ी बात होती है.

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