आज हम बात कर रहे है बिरामी गांव के बारे में और वहा की प्रसिद्दि के बारे में अक्सर इस गांव के बारे में सुनकर लोगो के मन में अलग अलग ख़याल आने लग जाते है क्युकी यहाँ के लोगो का कहना है की आज भी यहाँ पर कई प्रकार के भगवन के परचे या वरदान मौजूद है जो की आज भी स्पष्ट रूप  से देखे जा सकते है आज हम इन्ही के बारे में विस्तार से चर्चा करने वाले है जिससे की आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो सकेगी.

BIRAMI VILLAGE ke bare me

यह गांव राष्ट्रीय राजमार्ग 14 पर स्थित है और यह राष्ट्रीय राजमार्ग से महज 3 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है इसके अलावा यह सांडेराव जो की रावले और प्राचीन मंदिरो के लिए विश्व प्रख्यात है उससे मात्र 10 किलोमीटर की दुरी पर स्थित एक छोटा सा कस्बा है जिसको देखकर आपको प्राचीन काल का आभास  होने लगता है इस कसबे का वातावरण हमेशा सुहावना ही रहता है.


बिरामी गांव कहाँ स्थित हैं 

यह कस्बा  राजस्थान  राज्य के पाली जिले में स्थित है यह सांडेराव के राष्ट्रीय राजमार्ग 14 के समीप स्थित है इस कसबे में जाने के लिए आपको सांडेराव टोल प्लाज़ा से 1 किलोमीटर के दुरी पर एक आम रास्ते से होकर गुजरना होता है यह राष्ट्रीय राजमार्ग से मात्र 3 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है व सांडेराव से रानी के बिच में सड़क के  किनारे यह कस्बा आया हुआ है जिसके कारण प्रतिदिन हजारो राहगीर इस स्थान पर आते रहते हैं.


बिरामी का दृश्य 

जैसा की हमने आपको पहले भी बताया है की यहाँ का दृश्य  बेहद ही सुन्दर है और इसके साथ ही यहाँ का मौसम भी हर वक्त सुहावना सा लगता है शाम के वक्त इस कस्बे में रहना किसी जन्नत से काम नहीं है.

इसके साथ ही इसके बाद स्टेण्ड पर पूरी तरह से तीर्थ स्थल से भरा हुआ है और इसके बस स्टेड के एक तरफ कई दुकाने और घर आदि है तो दूसरी तरफ कई अलग अलग देवी देवताओ के अति प्राचीन मंदिर आदि बने हुए है और इसके साथ ही यहाँ पर मंदिरो के बिच में पनघट भी बना हुआ है जो की इस गांव की सुंदरता को और ज्यादा बढ़ता है.

यह कस्बा सांडेराव और रानी जैसे बड़े कस्बो या शहरों के बिच में आया हुआ एक छोटा सा गांव है यहाँ पर यातायात को लेकर अक्सर कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है क्युकी यहाँ पर प्राइवेट बस तो चलती है पर उसके अलावा यहाँ पर कही भी यात्रा करने के लिए घंटो तक वाहनों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है.


बिरामी में देवी आस्था 

बिरामी  में सभी ग्रामवासियों की एक इष्ट देवी है जिनका नाम वाड़ी माता है इनका मंदिर अतिप्राचीन है और यह बिरामी के सड़क के किनारे एक तालाब के पास स्थित भव्य मंदिर है प्रतिवर्ष इनका एक जुलुस भी निकला जाता है जिसमे सभी ग्रामीण लोग हिस्सा लेते है और गांव की रक्षा के लिए देवी से प्रार्थना करते है.

माना जाता है की इस जुलुस में एक पहिया जो की बर्षो पुराना है वो बिना किसी को छुए हुए अपने आप पुरे गांव का एक चक्कर लगाता है उसके पूछी मंदिर के पुजारी और उसके पीछे सभी ग्रामीण होते है ये पहिया अपने आप चलता है जो की मंदिर से शुरू होकर पुरे गांव की  परिक्रमा लगाकर वापिस मंदिर में आकर रुक जाता है और यह जुलुस सभी प्रारम्भ होता है जब वाड़ी माता जी के मंदिर से यह पहिया चक्कर लगाना शुरू करता हैं.


 बिरामी का प्राचीन तालाब 

बिरामी गांव में एक प्राचीन तालाब भी है जो की बहुत ही पुराना और कई वर्षो पूर्व का माना जाता है गांव वालो का कहना है की वाड़ी माता जिनका जिक्र हमने पहले किया था उनका वरदान है की इस तालाब का पानी कभी भी ख़त्म नहीं होता.

साल भर इस तालाब में पानी कभी भी ख़त्म नहीं होता और जब भी बारिस होती है तो पहली बारिस में ही यह तालाब पूरी तरह से भर जाता है यह एक विशाल तालाब है जो की काफी गहरा भी है जिसमे लाखों लीटर पानी समा सकता है ऐसे में एक ही बारिस में इस तालाब का पूरी तरह से  भर जाना किसी चमत्कार से कम नहीं होता.


बिरामी में कितनी जाति के लोग है 

यह एक छोटा  कस्बा  होने के बावजूद भी यहां पर कई प्रकार की अलग अलग जाति निवास करती है और इसमें राजपूत, चारण, सोनिगरा, ब्राह्मण, मेघवाल, दरजी, चौधरी आदि अन्य कई अलग अलग प्रकार की सैकड़ो जाति के लोग निवास करते है यहाँ के राजपूत जो की ठाकुर माने जाते है गांव के वो करणोत कुल के है और  हाल में बिरामी के ठाकुर दिलीप सिंह जी करणोत है जो की कई बार राजनीतिक पद पर ही रह चुके है और गांव के लिए बेहद ही अच्छे कार्य करते रहे है.


 बिरामी कैसे जाए 

अगर आप बिरामी इस गांव को देखना चाहते है तो इसके लिए आपको इस बात का पता होना बहुत जरुरी है की इस गांव में आप किस   प्रकार से जा सकते है तो इसके लिए अगर आप राजमार्ग से बिरामी जाना चाहते है तो पहले आपको सांडेराव जाना होता है सांडेराव के लिए आपको जोधपुर, सिरोही, जालोर, उदयपुर आदि सभी स्थानों से बस मिल जाती है उसके बाद आपको सांडेराव से  प्राइवेट बस या रिक्शा आदि के इस गांव में जा सकते है सांडेराव से यह गावं 10 से 12 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है.

अगर आप रेलवे के माध्यम से इस गांव आना चाहते है तो आपको रानी रेलवे स्टेशन आना होता है यहाँ आने के लिए आपको भारत के कई अलग अलग क्षेत्र से रेलवे मिल जायेगी तो सीधे रानी रेलवे स्टेशन आती है उसके बाद आप रानी से प्राइवेट बस या रिक्शा आदि के माध्यम से बिरामी में आ सकते है रानी से बिरामी का रास्ता लगभग 15  किलोमीटर तक का होता है व सांडेराव की तुलना में रानी से  बिरामी के अधिक यातायात उपलब्ध हैं.

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